The resurgence of Sangh defying the malicious campaign of anti sangh forces
Date: 23-Oct-2012

1956

श्री एकनाथजी रानडे सरकार्यवाह निर्वाचित हुए।
श्री गुरुजी के 51वें वर्धापन दिन के निमित्त से संघ का व्यक्ति-व्यक्ति से संपर्क कर के संघ का संदेश सुनाने का अभियान।
चीन के आक्रमण के बारें में भारत को सचेत करने वाला श्री गुरुजी का वक्तव्य।

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Shri Eknathji Ranade was elected Sarkaryavah.

 

1955

गोवा मुक्ति संग्राम में स्वयंसेवकों का प्रभावी सहभाग।
भारतीय मजदूर संघ की स्थापना

Swayamsevaks took leading part in the all-party struggle for the liberation of Goa from the control of Portugese.
Bharatiya Mazdoor sangh was founded.

 

1954

2 अगस्त दादरा नगर हवेली को पुर्तगालियों के कब्जे से स्वयंसेवकों ने मुक्त किया तथा भारत सरकार को सौंप दिया।

Swayamsevaks liberated the Dadra and Nagar Haveli from Portugese control on August 2 and handed over the region to Central Government.

 

1953

3 जून श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी की काश्मीर के कारावास में अचानक मृत्यु। प्रजा परिषद के सत्याग्रह में सहभाग के कारण वे कारावास में थे।

Sudden demise of Sri Syama Prasada Mukherjee in Kashmir on June 23.

 

1952

गोरक्षा आंदोलन का प्रारंभ। स्वयंसेवकों ने 1,75,39,813 स्वाक्षरियों का पुरे देशभर से संग्रह किया। महामहीम राष्ट्रपति महोदय को यह स्वाक्षरी संग्रह 8 दिसम्बर को प्रस्तुत किया गया।
जशपुर में वनवासी कल्याण आश्रम प्रारंभ।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना। कई स्वयंसेवक जनसंघ में सहभागी हुए।
स्वातंत्र्य वीर सावरकर के द्वारा भारत के स्वतंत्रता के लिए स्थापित ‘अभिनव भारत’ के समापन कार्यक्रम में श्री गुरुजी सहभागी हुए।

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Cow Protection Movement - Goraksha Andolan - was launched demanding prohibition of cow slaughter in the country. Swayamsevaks collected 1,75,39,813 signatures covering every part of the country from 85,000 cities and villages. All these signatures were presented to The President of Bharat, Dr. Rajendra Prasad, on 8 December.
Vanvasi Kalayan Asharam Started.
Bharatiya Jansangh was formed by Dr. Shyama Prasad Mukharjee and many Swayamsevaks joined it.

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Shri Guruji participated in the concluding ceremony of ‘Abhinav Bharat’ an organization which was founded by Swatantraya Veer Savarkar for the freedom of Bharat.

 

1950

26 जनवरी भारत प्रजासत्ताक घोषित हुआ। श्री गुरुजी ने स्वयंसेवकों को इस का स्वागत करने के लिए कहा।
मार्च प्रथम अखिल भारतीय प्रतिनिधी सभा की बैठक संपन्न।
श्री भैय्याजी दाणी सरकार्यवाह चुने गए।
पाकिस्तान से आए हुए हिंदू शरणार्थियों के लिए वास्तुहारा सहायता समिती का गठन। पुरे देशभर से सहायता एकत्र करके पहुँचायी गई।
असम में भुकंप तथा बाढ़। स्वयंसेवकों द्वारा राहत कार्य।

India became Republic on January 26. Shri Guruji instructed swayamsevaks to celebrate this occasion.

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March 1950. The first Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha was held. Bhaiyyaji Dani was elected Sarkaryavah [generalsecretary].
Vastuhara Sahayata Samiti was started to help Hindu refugees from Pakistan.
Earth quake and floods in Assam.Swayamsevaks swung into action.